नेत्रदान के आंकड़े ने पार किया 1100 का आंकड़ा, आहुति ने सम्मानित किए नेत्रदाता-देहदाता परिवार
355 नेत्रदाता परिवारों का हुआ सम्मान, 58 सहयोगी संस्थाओं और मोटिवेटरों की भूमिका भी सराही


गोहाना,(अनिल जिंदल) 20 सितंबर। क्षेत्र में नेत्रदान और देहदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सामाजिक संस्था आहुति गोहाना की ओर से रविवार को आदर्श नगर स्थित हंस ध्वनि सभागार में नेत्रदाता-देहदाता परिवार सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में पिछले सात वर्षों के दौरान नेत्रदान का संकल्प लेकर समाज के लिए प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत करने वाले 355 नेत्रदाता परिवारों को सम्मानित किया गया। क्षेत्र में नेत्रदान का आंकड़ा 1100 पार होने पर आयोजकों ने इसे सामूहिक सामाजिक प्रयासों की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता गुलशन बजाज ने की, जबकि मंच संचालन सनी निरंकारी ने किया। समारोह में पावन सानिध्य महंत श्री कमलपुरी महाराज, अंतरराष्ट्रीय सचिव जूना अखाड़ा का रहा। नगर परिषद गोहाना की चेयरपर्सन रजनी इंद्रजीत विरमानी की गरिमामयी उपस्थिति रही। मुख्य अतिथियों में पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष सुनील मेहता, पूर्व अनाज मंडी अध्यक्ष डॉ. प्रदीप खानिजो, प्रसिद्ध समाजसेवी सुनील (सन्नी) आहूजा, जय मां बनभौरी मंडल के अध्यक्ष संजीव (बोबी) सिंघल तथा समाजसेवी विजय जिंदल शामिल रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. श्रॉफ चैरिटी आई हॉस्पिटल की आई बैंक इंचार्ज राखी नाथावत उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम में नेत्रदान के क्षेत्र में सहयोग देने वाले 58 मोटिवेटरों एवं सहयोगी संस्थाओं का भी सम्मान किया गया। आयोजकों ने बताया कि सामूहिक प्रयासों से क्षेत्र में नेत्रदान का आंकड़ा 1100 को पार कर चुका है। इसी उपलब्धि के उपलक्ष्य में नेत्रदाता परिवारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और उनके योगदान को समाज के सामने रखने के लिए यह सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
डॉ. श्रॉफ चैरिटी आई हॉस्पिटल की आई बैंक इंचार्ज राखी नाथावत ने नेत्रदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कॉर्नियल समस्या से पीड़ित जरूरतमंद व्यक्ति को नेत्रदान के माध्यम से नई रोशनी मिल सकती है। उन्होंने कहा कि यदि समाज में नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़े तो अनेक लोगों के जीवन में उजाला लाया जा सकता है।
नगर परिषद चेयरपर्सन रजनी विरमानी ने नेत्रदाता परिवारों के जज्बे को नमन करते हुए कहा कि नेत्रदान करने वाले परिवार समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि किसी जरूरतमंद को रोशनी देने से बड़ा मानवीय कार्य कोई नहीं हो सकता।
समारोह में नेत्रदाता, देहदाता और मोटिवेटरों के स्मृति चिह्नों पर संबंधित लोगों की तस्वीरें भी अंकित की गई थीं। इस माध्यम से उनके योगदान और स्मृति को सम्मान दिया गया। कार्यक्रम के दौरान “जीते-जीते रक्तदान, जाते-जाते नेत्रदान” तथा “जाते-जाते नेत्रदान-देहदान” जैसे संदेशों के माध्यम से लोगों को मानव सेवा के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम संयोजन में कमल आहूजा, दीपक राठौर, सागर सेतिया, बंटी हंस, बंटी निरंकारी, राकेश गंगाना, शैलेंद्र कलूचा, संजय मेहदीरत्ता, जितेंद्र गेरा, सुरेंद्र जुनेजा और मनोज दुरेजा सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समारोह में शामिल अतिथियों और परिवारों के लिए नाश्ते तथा भोजन की व्यवस्था भी की गई। कार्यक्रम के समापन पर सभी ने लंगर प्रसाद ग्रहण किया।
आहुति के पदाधिकारियों ने कहा कि नेत्रदान और देहदान केवल किसी व्यक्ति का योगदान नहीं, बल्कि पूरे परिवार की भावना और समाज के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक है। नेत्रदाता परिवारों का सम्मान करना उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक छोटा सा प्रयास है। उन्होंने भविष्य में भी नेत्रदान और देहदान के प्रति जनजागरूकता अभियान जारी रखने का संकल्प दोहराया।



