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सिख विरोधी हिंसा के पीड़ितों से माफी की मांग पर कांग्रेस का जवाब दबंगई नहीं, संवेदनशीलता होना चाहिए: डॉ. अर्चना गुप्ता

विधानसभा में जनप्रतिनिधि के हाथ से कागज छीनने की घटना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ: भाजपा प्रदेशाध्यक्ष

 

चंडीगढ़, 27 अगस्त। हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक इंदुराज नरवाल द्वारा एक दलित-सिख विधायक के हाथ से कागज छीने जाने की घटना पर भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है और यहां किसी भी जनप्रतिनिधि की आवाज को दबाने अथवा उसके साथ अमर्यादित व्यवहार करने की बजाय लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखी जानी चाहिए।

डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि 1984 की सिख विरोधी हिंसा के पीड़ित परिवारों को न्याय और सम्मान मिलना हर संवेदनशील समाज की जिम्मेदारी है। यदि कोई जनप्रतिनिधि इस विषय को सदन में उठाता है और कांग्रेस से माफी की मांग करता है, तो उसका जवाब तथ्यों और लोकतांत्रिक संवाद के माध्यम से दिया जाना चाहिए। किसी विधायक के हाथ से कागज छीनना न तो लोकतांत्रिक संवाद का तरीका है और न ही विधानसभा की गरिमा के अनुरूप।

उन्होंने कहा कि 1984 की त्रासदी को चार दशक से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पीड़ित परिवारों की पीड़ा और न्याय की अपेक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इतिहास के संवेदनशील प्रश्नों का समाधान आवाज दबाने से नहीं, बल्कि संवेदना, सत्य और न्याय के रास्ते से होता है।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि सिख विरोधी हिंसा के पीड़ितों की पीड़ा और उनके न्याय की मांग पर उसकी संवेदनशीलता क्या है। उन्होंने कहा कि माफी मांगने की मांग का जवाब दबंगई से देना कांग्रेस की उस मानसिकता को सामने लाता है, जिसमें असहज सवालों का लोकतांत्रिक उत्तर देने की बजाय उन्हें दबाने का प्रयास किया जाता है।

डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी किसी भी समाज, वर्ग अथवा समुदाय के सम्मान से समझौता नहीं करती। दलित, सिख और प्रत्येक वर्ग के नागरिकों का सम्मान तथा प्रत्येक निर्वाचित जनप्रतिनिधि की गरिमा लोकतंत्र की मूल भावना है। विधानसभा में भी हर सदस्य को अपनी बात रखने का समान अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भाजपा का स्पष्ट मत है कि राजनीतिक मतभेद लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं, लेकिन व्यक्तिगत अपमान, कागज छीनना अथवा सदन की मर्यादा को ठेस पहुंचाना स्वीकार्य नहीं हो सकता। कांग्रेस को इस घटना पर आत्ममंथन करना चाहिए और अपने विधायक के व्यवहार पर स्पष्टीकरण देना चाहिए।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि हरियाणा की जनता सामाजिक सौहार्द, भाईचारे और लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास करती है। राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है कि वे समाज को जोड़ने का काम करें, न कि संवेदनशील मुद्दों पर टकराव को बढ़ावा दें।

डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि भाजपा हर वर्ग के सम्मान, सामाजिक समरसता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है। जनता भी लोकतंत्र और जनप्रतिनिधियों के सम्मान से जुड़े ऐसे व्यवहार का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से अवश्य देगी।

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