लघु सचिवालय में राष्ट्रीय जलभृत-मानचित्रण एवं प्रबंधन को लेकर कार्यशाला आयोजित
भूजल के संरक्षण, रिचार्ज बढ़ाने तथा जल गुणवत्ता सुधारने के लिए विभागीय अधिकारियों को प्रेजेंटेंशन के माध्यम से दी गई आवश्यक जानकारी


सोनीपत, 10 सिंतबर। जल शक्ति मंत्रालय के जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग, की ओर से लघु सचिवालय के तृतीय तल स्थित सभागार कक्ष में राष्ट्रीय जलभृत-मानचित्रण, प्रबंधन योजना एवं आंकड़ा प्रसार विषय पर अतिरिक्त उपायुक्त अजय चोपडा की अध्यक्षता में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का आयोजन केन्द्रीय भूमि, जल बोर्ड, उत्तर पश्चिमी क्षेत्र, चण्डीगढ के द्वारा किया गया। इस दौरान वैज्ञानिक सुधांशु बाजपेयी, किरण लाले एवं सुवीता ने प्रेजेंटेंशन (प्रस्तुतीकरण) के माध्यम से अधिकारियों को भूजल के महत्व, वर्तमान चुनौतियों तथा इसके संरक्षण एवं प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी।
कार्यशाला में वैज्ञानिक सुधांशु बाजपेयी ने बताया गया कि भूजल का रिचार्ज कम होने तथा भूजल का अत्यधिक दोहन होने से भविष्य में जल उपलब्धता से जुड़ी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। अधिकारियों को भूजल रिचार्ज बढ़ाने, जल संरक्षण तथा जल गुणवत्ता से संबंधित विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इसके साथ ही कृत्रिम भूजल रिचार्ज की तकनीकों की जानकारी देते हुए इनके प्रभावी उपयोग पर भी चर्चा की गई। सिंचाई विभाग के अधिकारियों को सिंचाई के तरीकों में आवश्यक बदलाव करने तथा जल की बचत करने वाली आधुनिक तकनीकों एवं अन्य उपायों को अपनाने के संबंध में भी जानकारी दी गई।
वर्कशॉप के दौरान भूजल की गुणवत्ता से संबंधित विषय पर भी विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। इसमें भूजल के दूषित होने के प्रमुख कारणों तथा नाइट्रेट, फ्लोराइड, यूरेनियम, आर्सेनिक सहित अन्य प्रदूषकों से उत्पन्न होने वाली समस्याओं के बारे में अधिकारियों को अवगत कराया गया। अधिकारियों को भूजल की गुणवत्ता की नियमित निगरानी तथा जल स्रोतों के संरक्षण की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
अतिरिक्त उपायुक्त अजय चैपड़ा ने कार्यशाला में अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रस्तुतीकरण के माध्यम से दी गई जानकारी के अनुरूप अपने-अपने विभागों में आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि भूजल से संबंधित किसी भी समस्या अथवा अतिरिक्त जानकारी के लिए संबंधित विभाग से समन्वय स्थापित किया जाए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को पोर्टल पर डाटा समयबद्ध तरीके से अपडेट करने के निर्देश भी दिए, ताकि संबंधित डाटा नियमित रूप से उपलब्ध एवं अद्यतन रहे।
इस अवसर पर डीडीपीओ मनीष मलिक, जिला सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के कार्यकारी अभियंता नितिन भट्ट, पब्लिक हेल्थ के कार्यकारी अभियंता गौतम कुमार, सभी बीडीपीओ तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।




