बीपीएस गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, खानपुर कलां में विश्व स्तनपान सप्ताह के अंतर्गत जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

खानपुर कलां / गोहाना, 6 अगस्त (अनिल जिंदल) । विश्व स्तनपान सप्ताह (1–7 अगस्त) के अवसर पर शिशु रोग विभाग एवं स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग, बीपीएस गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, खानपुर कलां द्वारा आज स्त्री रोग विभाग की ओपीडी में आमजन के लिए एक जन-जागरूकता गोष्ठी एवं संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. जगदीश दुरेजा, निदेशक, बीपीएस जीएमसी, खानपुर कलां रहे। विशिष्ट अतिथियों में डॉ. संजीव सिंगला (चिकित्सा अधीक्षक), डॉ. सुनीता सिवाच (प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग) तथा डॉ. मनोज रावल (प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, शिशु रोग विभाग) उपस्थित रहे।
इस अवसर पर स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग से डॉ. पिंकी, डॉ. शिवानी एवं डॉ. जयश्री, शिशु रोग विभाग से डॉ. महेश, डॉ. संजय एवं डॉ. राधामोहन, मेडिसिन विभाग से डॉ. सोनिका लांबा, दोनों विभागों के फैकल्टी सदस्य, पोस्टग्रेजुएट एवं अंडरग्रेजुएट विद्यार्थी तथा बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में डॉ. मनोज रावल ने विश्व स्तनपान सप्ताह के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस वर्ष की थीम “Breastfeeding for a Sustainable Start in Life: Strengthen What Works” इस बात पर बल देती है कि जन्म के बाद माँ को परिवार, समाज और कार्यस्थल का सहयोग मिलना अत्यंत आवश्यक है, ताकि शिशु का स्वस्थ एवं सतत विकास सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) के अनुसार जन्म के पहले घंटे में स्तनपान शुरू कराने की दर अभी भी 40 प्रतिशत से कम है, जिसे बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी स्वास्थ्यकर्मियों एवं परिवारों से अपील की कि प्रत्येक संस्थागत प्रसव के बाद नवजात को जन्म के पहले घंटे में स्तनपान अवश्य शुरू कराया जाए तथा पहले छह माह तक केवल माँ का दूध (Exclusive Breastfeeding) और उसके बाद उपयुक्त ऊपरी आहार के साथ दो वर्ष या उससे अधिक समय तक स्तनपान जारी रखने के लिए सभी माताओं को प्रेरित किया जाए।
मुख्य अतिथि डॉ. जगदीश दुरेजा ने संस्थान की ओर से स्तनपान को बढ़ावा देने के लिए शिशु रोग एवं स्त्री रोग विभाग को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यदि स्तनपान को सफल बनाने में किसी प्रकार की व्यावहारिक कठिनाई आती है तो संस्थान उसे दूर करने के लिए हर संभव प्रयास करेगा।
डॉ. संजीव सिंगला एवं डॉ. सुनीता सिवाच ने भी स्तनपान के महत्व पर अपने विचार व्यक्त करते हुए इसे माँ और शिशु दोनों के बेहतर स्वास्थ्य की आधारशिला बताया।
कार्यक्रम का प्रभावी संचालन डॉ. प्रीति राय कवर ने किया। उन्होंने भी माँ के दूध के पोषण, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने तथा माँ और शिशु के दीर्घकालिक स्वास्थ्य लाभों पर विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर पोस्टर प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया, जिसमें संस्थान के अंडरग्रेजुएट विद्यार्थियों द्वारा स्तनपान जागरूकता पर आकर्षक एवं संदेशात्मक पोस्टर प्रदर्शित किए गए।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. प्रीति राय कवर ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं उपस्थित आमजन का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।




