जन संवाद और सीएम विंडो की शिकायतों का प्राथमिकता से करें समाधान-उपायुक्त नेहा सिंह
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपायुक्तों के साथ की समीक्षा बैठक, शिकायतों के त्वरित निपटारे के दिए निर्देश


सोनीपत, 25 सितंबर। जन संवाद एवं सीएम विंडो पर प्राप्त शिकायतों के समाधान की समीक्षा को लेकर शुक्रवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी उपायुक्तों के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को शिकायतों के समाधान में गंभीरता एवं संवेदनशीलता बरतते हुए लोगों की समस्याओं का समयबद्ध तरीके से निवारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
वीसी के पश्चात उपायुक्त नेहा सिंह ने जिला के संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जन संवाद और सीएम विंडो के माध्यम से प्राप्त होने वाली प्रत्येक शिकायत को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए उसका निर्धारित समय-सीमा में समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता को अपनी समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए अधिकारी स्वयं जिम्मेदारी के साथ शिकायतों का निपटारा करें।
री-ओपन शिकायतों का भी गंभीरता से करें निपटारा
उपायुक्त ने कहा कि जिन शिकायतों को दोबारा खोला जाता है, उनकी भी संबंधित अधिकारी गहनता से समीक्षा करें। यदि किसी शिकायत का संबंध न्यायालय में विचाराधीन मामले से है अथवा ऐसा कार्य है, जिसके निष्पादन के लिए बजट की आवश्यकता है, तो शिकायत की प्रकृति के अनुसार नियमानुसार उचित कार्रवाई करते हुए उसका सही निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि ऐसी शिकायतें अनावश्यक रूप से लंबित न रहें। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पोर्टल पर शिकायत का निपटारा केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि वास्तविक रूप से समस्या का समाधान होना चाहिए।
शिकायतकर्ता की संतुष्टि के बाद ही अपलोड करें एटीआर
उपायुक्त नेहा सिंह ने कहा कि शिकायत के समाधान के बाद उसकी कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) पोर्टल पर अपलोड करने से पहले शिकायतकर्ता अथवा संबंधित एमिनेंट पर्सन के हस्ताक्षर करवाए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि एटीआर में शिकायत के समाधान की वास्तविक स्थिति दर्ज होनी चाहिए और शिकायतकर्ता की संतुष्टि सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यदि शिकायत के समाधान के संबंध में आवश्यक प्रक्रिया पूरी किए बिना एटीआर अपलोड की गई या शिकायतकर्ता के हस्ताक्षर नहीं करवाए गए तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक शिकायत का निपटारा इस प्रकार किया जाए कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिले और वह समाधान से संतुष्ट हो।
ग्राम सभाओं में अधिकारी स्वयं लें भाग
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांवों में आयोजित होने वाली ग्राम सभाओं में संबंधित विभागों के अधिकारी अनिवार्य रूप से भाग लें। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा ग्रामीणों की स्थानीय समस्याओं और आवश्यकताओं को सीधे समझने का महत्वपूर्ण माध्यम है। अधिकारी ग्राम सभाओं में पहुंचकर लोगों की समस्याओं को सुनें और जिन समस्याओं का मौके पर समाधान संभव है, उनका तत्काल समाधान करवाएं।
उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर पर समस्याओं की पहचान समय रहते होने से उनके समाधान की प्रक्रिया भी तेज की जा सकती है। इसलिए अधिकारी जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए विकास कार्यों और जनसमस्याओं से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन संवाद और सीएम विंडो सरकार की जन शिकायत निवारण व्यवस्था का महत्वपूर्ण माध्यम हैं, इसलिए इन पर प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में नगर निगम आयुक्त हर्षित कुमार, अतिरिक्त उपायुक्त अजय चोपड़ा, एसडीएम सुभाष चंद्र, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. अनमोल, नगर निगम की संयुक्त आयुक्त मीतू धनखड़, सीटीएम सिमरन, डीआरओ सुशील शर्मा, डीडीपीओ मनीष मलिक, तहसीलदार कीर्ति सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।




