राजकीय बहुतकनीकी संस्थान में मेरे सपनों का भारत विषय पर आयोजित हुई चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता
सेवा संकल्प अभियान के तहत विद्यार्थियों ने चित्रों और प्रभावशाली वक्तव्य के माध्यम से प्रस्तुत की विकसित भारत की कल्पना


सोनीपत,(अनिल जिंदल) 25 सितंबर। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत राजकीय बहुतकनीकी संस्थान, सोनीपत में मेरे सपनों का भारत विषय पर चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 50 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशीलता, रचनात्मकता एवं विचारों के माध्यम से भारत के उज्जवल, विकसित एवं समृद्ध भविष्य की परिकल्पना प्रस्तुत की।
चित्रकला प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने मेरे सपनों का भारत विषय पर अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान शीतल (मैकेनिकल), द्वितीय स्थान यशपाल एवं हिमांशी (मैकेनिकल) ने संयुक्त रूप से तथा तृतीय स्थान मुस्कान (एफएए) ने प्राप्त किया। इसके अलावा भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने प्रभावशाली वक्तव्य के माध्यम से भारत के विकास, युवा शक्ति, शिक्षा, स्वच्छता, आत्मनिर्भरता एवं सामाजिक जिम्मेदारी जैसे विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखे। भाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान तुषार (कंप्यूटर) एवं अनुराधा (ऑटोमोबाइल) ने संयुक्त रूप से, द्वितीय स्थान गीता (केमिकल) तथा तृतीय स्थान पारस झा (कंप्यूटर) ने हासिल किया।
युवा शक्ति देश के विकास में निभा सकती है महत्वपूर्ण भूमिका : प्राचार्य
संस्थान के प्राचार्य प्रवेश सांगवान ने सभी विजेता एवं प्रतिभागी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि मेरे सपनों का भारत जैसे विषय विद्यार्थियों को देश के भविष्य के बारे में सोचने और अपनी जिम्मेदारियों को समझने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग की रचनात्मक सोच, सकारात्मक दृष्टिकोण और सक्रिय भागीदारी देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने चित्रों और भाषणों के माध्यम से जिस प्रकार अपने सपनों के भारत की कल्पना प्रस्तुत की है, वह उनकी रचनात्मक सोच और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना को दर्शाता है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें सामाजिक सरोकारों और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने में भी सहायक होते हैं।
विद्यार्थियों ने रचनात्मक ढंग से रखी विकसित भारत की परिकल्पना
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने सपनों के भारत की कल्पना को रचनात्मक एवं प्रभावशाली ढंग से व्यक्त करने का अवसर मिला। विद्यार्थियों ने शिक्षा, स्वच्छता, आत्मनिर्भरता, युवा शक्ति, सामाजिक जिम्मेदारी और देश के विकास से जुड़े विषयों को अपनी प्रस्तुतियों का हिस्सा बनाया। प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला।प्रतियोगिताओं के निर्णायक मंडल में विभागाध्यक्ष सुनील कुमार, वीरेंद्र श्योराण तथा कुलदीप गहलोत, वरिष्ठ प्रवक्ता सहित अन्य सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया और प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।




