विमुक्त, घुमंतू एवं टपरीवास जातियों के उत्थान और विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध: अध्यक्ष जसमेर सिंह बंजारा
अध्यक्ष द्वारा गोहाना सब्जी मंडी के पास स्थापित विमुक्त जाति बस्ती को लिया गोद


सोनीपत, 17 अगस्त। हरियाणा में विमुक्त, घुमंतू एवं टपरीवास जातियों के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक उत्थान तथा उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रदेश सरकार निरंतर प्रयासरत है। लघु सचिवालय के सभागार में हरियाणा विमुक्त धुमंतू जाति विकास बोर्ड के अध्यक्ष जसमेर सिंह बंजारा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में घुमंतू विमुक्त जाति के ऊपर उठाने व उनको समाज की मुख्य धारा में जोड़ने के लिए आयोजित बैठक में सभी विभागाध्यक्षों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि विमुक्त एवं घुमंतू जातियों का इतिहास संघर्ष और चुनौतियों से भरा रहा है। अंग्रेजी शासनकाल में वर्ष 1871 में लागू किए गए क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट के कारण इन समुदायों को लंबे समय तक सामाजिक भेदभाव एवं कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। स्वतंत्रता के बाद भी इन वर्गों के समुचित विकास और उन्हें मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने की आवश्यकता बनी रही। उन्होंने बताया कि 15 अगस्त 1947 को देश स्वतंत्र हुआ, जबकि विमुक्त जातियों को 31 अगस्त 1952 को सरदार वल्लभभाई पटेल के प्रयासों से विमुक्ति मिली। इसी ऐतिहासिक दिवस की स्मृति में 31 अगस्त को विमुक्त जातियों द्वारा मुक्ति दिवस के रूप में मनाया जाता है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 में विमुक्त घुमंतू जनजाति कल्याण संघ द्वारा इनके उत्थान की दिशा में कार्य प्रारंभ किया गया। इसके पश्चात इन समुदायों के अधिकारों, सामाजिक सम्मान और विकास से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाया गया। वर्ष 2017 में फतेहाबाद में आयोजित रैली में विमुक्त समुदायों से जुड़े मुद्दों को लेकर महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की गईं। विमुक्त, घुमंतू एवं टपरीवास समुदायों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए हरियाणा सरकार द्वारा विमुक्त घुमंतू जाति विकास बोर्ड का गठन किया गया है। बोर्ड के माध्यम से इन समुदायों के परिवारों को सरकारी योजनाओं एवं मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में इन समुदायों के परिवारों की पहचान एवं दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए आधार कार्ड, राशन कार्ड, वोटर कार्ड, परिवार पहचान पत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करवाने के लिए प्रयास किए गए हैं। बोर्ड के माध्यम से ऐसे परिवारों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने तथा उनके सामाजिक एवं आर्थिक विकास को गति देने का प्रयास किया जा रहा है।
विमुक्त एवं घुमंतू समुदायों के कल्याण के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इन परिवारों की समस्याओं एवं आवश्यकताओं को प्राथमिकता के आधार पर समझें तथा पात्र लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करवाएं। सरकार का उद्देश्य इन समुदायों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उन्हें सम्मानजनक एवं बेहतर जीवन के अवसर उपलब्ध करवाना है।
विमुक्त घुमंतू जाति को समाज की मुख्य धारा में लाने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता : उपाध्यक्ष ओमपाल
विमुक्त घुमंतू जाति विकास बोर्ड के उपाध्याय ओमपाल ने कहा कि विमुक्त, घुमंतू एवं टपरीवास समुदायों के विकास के लिए सरकार और बोर्ड मिलकर निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों एवं संबंधित विभागों से आह्वान किया कि इन समुदायों के पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में विशेष प्राथमिकता दी जाए, ताकि कोई भी परिवार सरकारी सुविधाओं से वंचित न रहे।
उन्होंने कहा कि 31 अगस्त का विमुक्ति दिवस इन समुदायों के संघर्ष, स्वाभिमान और अधिकारों की स्मृति का प्रतीक है। इस अवसर पर समाज के सभी वर्गों को विमुक्त एवं घुमंतू समुदायों के उत्थान के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लेना चाहिए।
अतिरिक्त उपायुक्त अजय चोपड़ा ने विमुक्त धुमंतू जाति विकास बोर्ड के अध्यक्ष जसमेर सिंह बंजारा को आश्वासन देते हुए कहा कि जिला प्रशासन विमुक्त घुमंतू जाति को ऊपर उठाने में उन्हें समाज की मुख्य धारा में लाने के लिए हर संभव प्रयास करेगा।
इस दौरान डीडीपीओ मनीष मलिक, एसीपी गोहाना संदीप सिंह, डिप्टी डीईओ रविंद्र कुमार, इलेक्शन तहसीलदार दिनेश कुमार, बिजली विभाग से एक्शन अश्वनी कौशिक, डब्ल्यूसीडीपीओ रितु गिल व अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।




