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Gohanaखेतीब्रेकिंग न्यूज

गन्ने का भाव बढ़ाने की मांग लेकर डॉ. अरविंद शर्मा से मिले किसान, पिराई क्षेत्र का मुद्दा भी उठाया

मंत्री ने मौके पर ही शुगर मिल अधिकारियों से की बात, कैबिनेट मंत्री बोले, पिराई सत्र में किसानों को नहीं आने दी जाएगी परेशानी

विभिन्न जिलों के किसान प्रतिनिधियों ने गोहाना में रखीं समस्याएं, उत्तम किस्म का गन्ना बीज उपलब्ध कराने की मांग

गोहाना, 20 सितंबर। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए गन्ना किसान प्रतिनिधियों ने रविवार को पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह गोहाना में कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा से मुलाकात की। किसानों ने उनके समक्ष गन्ने का भाव बढ़ाने, शुगर मिलों के पिराई क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने और उत्तम किस्म का गन्ना बीज उपलब्ध कराने की मांग रखी। किसानों की समस्याएं सुनने के बाद डॉ. अरविंद शर्मा ने मौके पर ही संबंधित शुगर मिल अधिकारियों से बातचीत की और पिराई सत्र के दौरान किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने देने के निर्देश दिए।

किसान प्रतिनिधियों ने कैबिनेट मंत्री को बताया कि गन्ने की खेती में लागत बढ़ने के साथ पिराई सत्र के दौरान भी कई व्यावहारिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उन्होंने आगामी पिराई सत्र को देखते हुए गन्ने के भाव में बढ़ोतरी की मांग रखी। साथ ही शुगर मिलों के निर्धारित पिराई क्षेत्र और गन्ना आपूर्ति से संबंधित समस्याओं का समय रहते समाधान कराने की मांग की।

किसानों ने बेहतर उत्पादन के लिए उत्तम किस्म के गन्ना बीज की उपलब्धता का विषय भी उठाया। उनका कहना था कि किसानों को समय पर बेहतर किस्म का बीज उपलब्ध होने से गन्ने की पैदावार और गुणवत्ता बढ़ाने में मदद मिलेगी। डॉ. अरविंद शर्मा ने किसान प्रतिनिधियों की बात सुनने के बाद संबंधित शुगर मिल अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पिराई सत्र शुरू होने से पहले किसानों से जुड़े व्यावहारिक विषयों पर आवश्यक कार्रवाई की जाए। विशेष रूप से यह सुनिश्चित किया जाए कि पिराई के दौरान गन्ना उत्पादकों को मिल स्तर पर किसी तरह की परेशानी न उठानी पड़े।

कैबिनेट मंत्री ने किसानों को आश्वासन दिया कि गन्ने के भाव सहित उनके द्वारा उठाए गए विषयों को उचित स्तर पर रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के साथ खड़ी है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। पिराई सत्र में किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।

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