आर्य वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में पॉक्सो एवं कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीडऩ (पॉश) अधिनियम पर जागरूकता शिविर आयोजित
विद्यार्थियों को बाल सुरक्षा, साइबर सुरक्षा एवं कानूनी अधिकारों की दी गई विस्तृत जानकारी


सोनीपत,(अनिल जिंदल) 18 जुलाई। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सौजन्य से आर्य वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सोनीपत में शनिवार को विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं विद्यालय स्टाफ को बाल सुरक्षा तथा कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीडऩ से संबंधित कानूनों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से पॉक्सो अधिनियम एवं कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीडऩ (रोकथाम, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम (पॉश अधिनियम) विषय पर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लगभग 200 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और कानूनों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
जागरूकता शिविर में पैनल अधिवक्ता अश्वनी कुमार व डॉ. रीना दहिया ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को बाल संरक्षण, लैंगिक संवेदनशीलता तथा सुरक्षित वातावरण के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान ं अश्वनी कुमार ने पॉक्सो अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों, बच्चों के कानूनी अधिकारों, यौन अपराधों से सुरक्षा, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया तथा कानून द्वारा प्रदान की जाने वाली सुरक्षा व्यवस्था की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि यदि उनके साथ किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि, शोषण अथवा उत्पीडऩ की घटना होती है तो वे बिना किसी भय के अपने माता-पिता, शिक्षकों अथवा संबंधित अधिकारियों को तुरंत इसकी जानकारी दें। उन्होंने कहा कि समय पर शिकायत करना बच्चों की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है।
इस दौरान डॉ. रीना दहिया ने विद्यार्थियों को अच्छा स्पर्श और बुरा स्पर्श, व्यक्तिगत सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, लैंगिक समानता तथा कार्यस्थल पर महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिक्षण संस्थान की जिम्मेदारी है कि वह विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक, समावेशी और भेदभाव-मुक्त वातावरण उपलब्ध कराए। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने तथा किसी भी प्रकार की अनुचित घटना की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने सरल एवं प्रभावी तरीके से उत्तर दिया। शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों में कानूनी जागरूकता बढ़ाना, आत्मविश्वास विकसित करना तथा उन्हें अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक बनाना रहा, ताकि वे सुरक्षित एवं जिम्मेदार नागरिक बन सकें।




