गढ़ी उजाले खां में दहेज प्रथा उन्मूलन एवं ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
दहेज जैसी सामाजिक कुरीति को जड़ से मिटाने का लिया संकल्प, बेटियों की शिक्षा और सम्मान का दिया संदेश


गोहाना (सोनीपत), 24 जुलाई। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गांव गढ़ी उजाले खां में दहेज प्रथा उन्मूलन एवं ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ विषय पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) सुशीला देवी ने की। इस अवसर पर सर्कल सुपरवाइजर इंद्रावती, आंगनवाड़ी वर्कर मीना, मंजू व सुमन भी उपस्थित रही।
कार्यक्रम में ग्रामीण महिलाओं, युवाओं एवं अन्य उपस्थित लोगों को दहेज प्रथा के दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जागरूक किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीणों को बताया गया कि दहेज लेना और देना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह समाज के लिए एक गंभीर सामाजिक बुराई भी है। सभी से आह्वान किया गया कि विवाह जैसे पवित्र बंधन को लेन-देन का माध्यम न बनाएं और दहेज मुक्त समाज के निर्माण में अपना सक्रिय सहयोग दें।
कार्यक्रम के दौरान ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान के उद्देश्य पर भी प्रकाश डाला गया। उपस्थित लोगों को बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान एवं आत्मनिर्भरता के महत्व से अवगत कराया गया। साथ ही बाल विवाह रोकने के संबंध में जानकारी देते हुए बताया गया कि लड़कियों का विवाह 18 वर्ष तथा लड़कों का विवाह 21 वर्ष की आयु पूर्ण होने के बाद ही किया जाना चाहिए।
सीडीपीओ सुशीला देवी ने कहा कि समाज में बेटियों को समान अवसर उपलब्ध कराना और दहेज जैसी कुप्रथा का पूर्णतः बहिष्कार करना प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है। वहीं सर्कल सुपरवाइजर इंद्रावती ने उपस्थित महिलाओं से अपने परिवार एवं समाज में दहेज मुक्त विवाह को बढ़ावा देने तथा बेटियों को उच्च शिक्षा दिलाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने दहेज प्रथा का विरोध करने, बाल विवाह पर रोक लगाने तथा बेटियों की शिक्षा और सम्मान को बढ़ावा देने का सामूहिक संकल्प लिया।




