मानसून सत्र: मोदी सरकार की विकास गति पर संसद में मुहर, संजय भाटिया के सवालों पर केंद्र ने दिए विस्तृत आंकड़े
हरियाणा के विकास पर संसद में केंद्र का भरोसेमंद रिपोर्ट कार्ड, संजय भाटिया के सवालों पर सामने आए आंकड़े
जनहित के मुद्दों पर संजय भाटिया की पहल, केंद्र ने हरियाणा में तेज़ी से बढ़ते विकास कार्यों की दी जानकारी
संसद में संजय भाटिया की सक्रियता, केंद्र ने हरियाणा में जनगणना और हाई-स्पीड कॉरिडोर की प्रगति बताई
मोदी सरकार के विकास कार्यों की संसद में झलक, संजय भाटिया के सवालों पर हरियाणा को लेकर केंद्र का विस्तृत जवाब
नई दिल्ली/चंडीगढ़, 23 जुलाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे संसद के मानसून सत्र में राज्य सभा सांसद संजय भाटिया लगातार जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठा रहे हैं। करनाल से पूर्व लोकसभा सांसद रहे और अब राज्य सभा से सांसद संजय भाटिया ने राज्य सभा में लगातार प्रश्न पूछकर न केवल हरियाणा बल्कि राष्ट्रीय महत्व के विषयों को संसद में प्रमुखता से उठाया है। बुधवार को उन्होंने जनगणना-2027 की तैयारियों तथा हरियाणा में राष्ट्रीय हाई-स्पीड कॉरिडोर एवं एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को लेकर केंद्र सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी, जिस पर संबंधित मंत्रालयों ने सदन में तथ्यात्मक और विस्तृत उत्तर प्रस्तुत किए।
गृह मंत्रालय की ओर से दिए गए उत्तर में बताया गया कि हरियाणा में जनगणना-2027 का पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है। मकान सूचीकरण एवं आवास गणना का कार्य 1 मई से 30 मई 2026 तक सम्पन्न हुआ, जबकि नागरिकों को 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक स्व-गणना (Self Enumeration) की सुविधा उपलब्ध कराई गई। पूरी प्रक्रिया में मोबाइल एप्लीकेशन तथा जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली (CMMS) सहित डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग किया गया। राज्य सरकार के सहयोग से मास्टर ट्रेनरों, फील्ड ट्रेनरों, प्रगणकों तथा पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण भी फील्ड कार्य शुरू होने से पहले पूरा कर लिया गया।
केंद्र सरकार ने यह भी बताया कि जनगणना-2027 की तैयारियों के लिए हरियाणा सरकार को अब तक 107.87 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जा चुके हैं। यह राशि जनगणना अधिकारियों के प्रशिक्षण, जनशक्ति सहायता, तकनीकी अवसंरचना विकसित करने तथा जनगणना अधिकारियों के मानदेय सहित विभिन्न मदों पर खर्च की जा रही है।
इसी दिन सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से प्राप्त उत्तर में केंद्र सरकार ने हरियाणा में राष्ट्रीय राजमार्ग एवं हाई-स्पीड कॉरिडोर नेटवर्क की प्रगति का विस्तृत ब्यौरा भी संसद में रखा। सरकार के अनुसार राज्य में 611.92 किलोमीटर लंबी 23 हाई-स्पीड कॉरिडोर एवं एक्सप्रेसवे परियोजनाएं लगभग 33,167.85 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हो चुकी हैं। इनमें दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे के पांच पैकेज, इस्माइलाबाद-नारनौल कॉरिडोर के आठ पैकेज, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के तीन पैकेज, द्वारका एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे तथा अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त हरियाणा में 216.86 किलोमीटर लंबी 7 राष्ट्रीय हाई-स्पीड कॉरिडोर एवं एक्सप्रेसवे परियोजनाएं लगभग 10,337.96 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन हैं। इनमें शामली-अंबाला कॉरिडोर के दो पैकेज, करनाल रिंग रोड (96.42 प्रतिशत प्रगति), अंबाला रिंग रोड (88.77 प्रतिशत), इस्माइलाबाद-अंबाला परियोजना, एनएच-152जी का जलभेड़ा-शाहबाद ग्रीनफील्ड खंड तथा डीएनडी-सोहना-जेवर स्पर परियोजना शामिल हैं। कई परियोजनाओं में 74 से 96 प्रतिशत तक कार्य पूरा हो चुका है, जिससे हरियाणा में सड़क संपर्क, औद्योगिक विकास, कृषि परिवहन और लॉजिस्टिक्स को नई गति मिलने की उम्मीद है।
संजय भाटिया ने अपने प्रश्नों के माध्यम से स्पष्ट किया कि संसद केवल कानून बनाने का मंच नहीं, बल्कि जनता के रोजमर्रा के सरोकारों—बेहतर सड़क संपर्क, तेज परिवहन, सटीक जनगणना, डिजिटल प्रशासन और विकास योजनाओं की पारदर्शिता—पर सरकार से जवाबदेही सुनिश्चित करने का भी माध्यम है। राज्य सभा में उनके लगातार उठाए जा रहे जनहित के मुद्दे इस बात का संकेत हैं कि वे राष्ट्रीय नीतियों के साथ-साथ हरियाणा के विकास और आम नागरिकों से जुड़े विषयों को भी समान प्राथमिकता दे रहे हैं।




