भूमि को फिर से हराभरा बनाने की अनूठी पहल : पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय नाहरा में ‘मेरी गुठली मेरा पौधा अभियान’ का शुभारंभ
वन विभाग सोनीपत के सहयोग से विद्यार्थियों ने लिया 'बीज रक्षक' बनने का संकल्प

-गुणवत्तापूर्ण बीज संग्रह करने वाले विद्यार्थियों को मिलेगा ‘बीज रक्षक सम्मान
सोनीपत,(अनिल जिंदल) 31 जुलाई। पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन का स्वरूप देने तथा विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के उद्देश्य से पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय नाहरा एवं वन विभाग सोनीपत के संयुक्त तत्वावधान में विद्यालय परिसर में “मेरी गुठली मेरा पौधा अभियान” का शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य भूप सिंह, वन विभाग के ब्लॉक ऑफिसर संजीव एवं विजय दहिया द्वारा पौधारोपण थैलियों में फलों की गुठलियां रोपित कर किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे फलों की गुठलियों को फेंकने के बजाय उनका संरक्षण करें तथा उन्हें पौधों के रूप में विकसित कर पर्यावरण संरक्षण में अपना सक्रिय योगदान दें।
इस अवसर पर विद्यालय के विद्यार्थियों ने एक प्रेरणादायी लघु नाटिका प्रस्तुत की, जिसमें फलों की गुठलियों को सहेजकर पौधे तैयार करने तथा अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का प्रभावशाली संदेश दिया गया। विद्यार्थियों की प्रस्तुति ने उपस्थित सभी लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होने के लिए प्रेरित किया।
वन विभाग के अधिकारियों ने विद्यार्थियों को बीजों के चयन, संरक्षण, अंकुरण एवं रोपण की हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग प्रदान की। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों ने बीज तैयार करने और उन्हें सुरक्षित तरीके से रोपित करने की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम में सभी विद्यार्थियों ने ‘बीज रक्षक’ बनने की शपथ लेते हुए अधिक से अधिक बीज एकत्रित करने, उनका संरक्षण करने तथा उन्हें पौधों के रूप में विकसित करने का संकल्प लिया।
इको क्लब प्रभारी मनीष ने बताया कि अभियान के अंतर्गत सर्वाधिक एवं गुणवत्तापूर्ण बीज संग्रह करने वाले विद्यार्थियों को ‘बीज रक्षक सम्मान’ से सम्मानित किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और उत्साह का वातावरण बनेगा।
शिक्षक संदीप ने कहा कि “मेरी गुठली मेरा पौधा अभियान” केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बच्चों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और पर्यावरण संरक्षण की भावना विकसित करने का एक प्रभावी माध्यम है। ऐसे अभियान आने वाली पीढ़ी को हरित एवं स्वच्छ भविष्य के निर्माण के लिए प्रेरित करेंगे।
कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकगण, वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।



