समग्र शिक्षा अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन में कोई कमी न रहे, सभी गतिविधियां समय पर प्रगति पोर्टल पर करें अपलोड-उपायुक्त नेहा सिंह
समग्र शिक्षा अभियान की समीक्षा को लेकर मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने शनिवार को वीसी के माध्यम से सभी उपायुक्तों के साथ की बैठक, दिए उचित दिशा-निर्देश

सोनीपत,(अनिल जिंदल) 18 जुलाई। हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने समग्र शिक्षा मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रदेश के सभी उपायुक्तों के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि समग्र शिक्षा मिशन के तहत जिले में संचालित सभी गतिविधियों को समयबद्ध तरीके से भारत सरकार के प्रगति पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित किया जाए, ताकि योजनाओं की प्रगति का प्रभावी मूल्यांकन किया जा सके।
बैठक के उपरांत उपायुक्त नेहा सिंह ने संबंधित विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि जिले में ऐसे बच्चों की पहचान की जाए जो प्राथमिक अथवा माध्यमिक स्तर पर स्कूल छोड़ चुके हैं या किसी कारणवश दोबारा विद्यालय नहीं पहुंचे हैं। ऐसे बच्चों को पुन: विद्यालयों से जोडऩे के लिए विशेष अभियान चलाया जाए, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के शत-प्रतिशत विद्यार्थियों की अपार (वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी) आईडी बनवाना सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों के संचालकों के साथ बैठक कर प्रगति की समीक्षा की जाए। जिन विद्यार्थियों की अपार आईडी अभी तक नहीं बनी है, उनकी प्राथमिकता के आधार पर तुरंत आईडी तैयार करवाई जाए, ताकि सभी विद्यार्थी राष्ट्रीय शैक्षणिक रिकॉर्ड प्रणाली से जुड़ सकें।
उन्होंने कहा कि जिले के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों का व्यापक ऑडिट किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि विद्यार्थियों को शिक्षा, पेयजल, शौचालय, फर्नीचर, बिजली तथा अन्य मूलभूत सुविधाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप उपलब्ध हों। यदि कहीं किसी प्रकार की कमी पाई जाती है तो उसका तत्काल समाधान किया जाए।
उपायुक्त ने विद्यालय भवनों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कहा कि सभी स्कूल भवनों का तकनीकी निरीक्षण कराया जाए। जो भवन जर्जर अथवा असुरक्षित स्थिति में हैं, उन्हें नियमानुसार कंडम घोषित करने की प्रक्रिया तुरंत पूरी की जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि ऐसे भवनों में किसी भी स्थिति में विद्यार्थियों को न बैठाया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए कौशल आधारित गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाए, ताकि बच्चे शैक्षणिक शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक एवं तकनीकी कौशल भी विकसित कर सकें और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हों। बैठक में डीपीसी कृष्णा खत्री, डिप्टी डीईओ सरिता व हरेंद्र राणा तथा डॉ. अत्तर सिंह सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।




