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विशेष लोक अदालत में 30 वर्ष पुराने भूमि अधिग्रहण मुआवजा विवाद के समाधान का रास्ता हुआ प्रशस्त

डीएलएसए के प्रयास से, मध्यस्थता केन्द्र पर दोनों पक्षों में हुआ सुलह

 

सोनीपत,(अनिल जिंदल) 22 जुलाई। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में आयोजित “समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) -2026” के अंतर्गत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, के अधीन संचालित मध्यस्थता एवं सुलह केंद्र, ने लगभग 30 वर्ष पुराने भूमि अधिग्रहण मुआवजा विवाद के समाधान की दिशा में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। वर्षों से लंबित इस मामले में पक्षकारों के बीच आपसी सहमति बनने से न्यायिक प्रक्रिया को गति मिली है।

“दविंदर सिंह एवं अन्य बनाम राज्य हरियाणा एवं अन्य” शीर्षक मामले में भूमि अधिग्रहण मुआवजा विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान निकालने के लिए प्री-लोक अदालत सुलह कार्यवाही के तहत मध्यस्थता एवं सुलह केंद्र,में सुनवाई की गई। यह विवाद वर्ष 1995 से न्यायालयों में विचाराधीन था।

प्रारंभिक चरण में याचिकाकर्ताओं द्वारा भूमि अधिग्रहण मुआवजे में वृद्धि के लिए दायर संदर्भ याचिका पर तत्कालीन अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सोनीपत ने 12 दिसंबर 1995 को मुआवजा राशि बढ़ाकर 49 रुपये प्रति वर्ग गज निर्धारित की थी। इसके बाद पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में दायर नियमित प्रथम अपील को पारित निर्णय में मुआवजा बढ़ाकर 77 रुपये प्रति वर्ग गज कर दिया गया। बाद में याचिकाकर्ताओं ने विशेष अनुमति याचिका के माध्यम से माननीय सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।

समाधान समारोह-2026 के तहत 22 जुलाई को आयोजित सुलह बैठक में पक्षकारों एवं संबंधित विभागों के बीच विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। सुलह प्रयासों के परिणामस्वरूप भूमि अर्जन अधिकारी, शहरी संपदा विभाग, रोहतक ने कार्यालय के माध्यम से माननीय सर्वोच्च न्यायालय के “सुखदेवी (मृतक) बनाम राज्य हरियाणा एवं अन्य” मामले में दिए गए निर्णय के अनुरूप मुआवजा राशि जारी करने पर सहमति व्यक्त की, जिसे याचिकाकर्ताओं ने स्वीकार कर लिया।

प्रचेता सिंह, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-सह-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, के मार्गदर्शन एवं पर्यवेक्षण में संपन्न हुई। उनके सतत प्रयासों तथा पक्षकारों के सकारात्मक सहयोग से लगभग तीन दशक पुराने विवाद के समाधान का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उन्होने कहा कि “समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत)-2026” न्याय प्राप्ति का एक प्रभावी, सरल, त्वरित एवं कम खर्चीला माध्यम है। उन्होंने नागरिकों, विभागों एवं वादकारियों से अधिक से अधिक संख्या में इस अभियान से जुड़ने तथा आपसी सहमति एवं संवाद के माध्यम से अपने लंबित विवादों का समाधान कराने का आह्वान किया।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, ने सभी पात्र पक्षकारों से अपील की है कि वे समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत)-2026 का अधिकतम लाभ उठाकर अपने लंबित मामलों का सौहार्दपूर्ण एवं शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करें।

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