सुपर सीडर व बेलिंग मशीन पर अनुदान के लिए 21 अगस्त को होगा ऑनलाइन ड्रा
सोनीपत जिले में 1329 किसानों ने 16 प्रकार के कृषि यंत्रों के लिए किया आवेदन

सोनीपत, 19 अगस्त। उपायुक्त नेहा सिंह ने बताया कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत फसल अवशेष प्रबंधन योजना के अंतर्गत विभिन्न कृषि यंत्रों पर अनुदान के लिए किसानों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए थे। विभागीय पोर्टल पर 3 अगस्त 2026 तक किसानों द्वारा आवेदन किए गए, जिनमें सुपर सीडर और बेलिंग मशीन भी शामिल हैं।
उपायुक्त ने बताया कि योजना के तहत प्राप्त आवेदनों के आधार पर विभाग द्वारा कृषि यंत्रों के लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। सुपर सीडर एवं बेलिंग मशीन के लिए पात्र किसानों का चयन ऑनलाइन ड्रा के माध्यम से किया जाएगा। यह ड्रा 21 अगस्त 2026 को दोपहर 1 बजे लघु सचिवालय के तृतीय तल पर उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित जिला कार्यकारी कमेटी द्वारा किया जाएगा।
206 सुपर सीडर और 6 बेलर मशीनों का लक्ष्य निर्धारित
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. वीरेंद्र आर्य ने बताया कि जिले में कुल 1329 किसानों ने 16 प्रकार के कृषि यंत्रों के लिए आवेदन किया है। विभाग द्वारा जिले के लिए 206 सुपर सीडर तथा 6 बेलर मशीनों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
उन्होंने बताया कि सुपर सीडर और बेलिंग मशीन के लिए पात्र किसानों का चयन निर्धारित प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन ड्रा से किया जाएगा। वहीं, अन्य 14 प्रकार के कृषि यंत्रों के लिए किसानों के दस्तावेजों की जांच एवं सत्यापन पूरा होने के बाद निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार चयन प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
अनुसूचित जाति के पात्र किसानों को प्राथमिकता
डॉ. वीरेंद्र आर्य ने बताया कि योजना के तहत अनुसूचित जाति वर्ग के सभी पात्र किसानों को दस्तावेज पूर्ण एवं सही पाए जाने पर चयनित किया जाएगा। इसके साथ ही निर्धारित लक्ष्य के अनुसार 30 प्रतिशत किसानों की प्रतीक्षा सूची भी तैयार की जाएगी, ताकि किसी चयनित किसान द्वारा निर्धारित प्रक्रिया पूरी न करने की स्थिति में प्रतीक्षा सूची के पात्र किसानों को अवसर दिया जा सके।
फसल अवशेष प्रबंधन को मिलेगा बढ़ावा
सहायक कृषि अभियंता नवीन हुड्डा ने कहा कि फसल अवशेष प्रबंधन योजना का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध करवाकर पराली एवं फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन को बढ़ावा देना है। सुपर सीडर जैसे कृषि यंत्रों के माध्यम से किसान फसल अवशेषों को खेत में ही प्रबंधित करते हुए अगली फसल की बुवाई कर सकते हैं। इससे पराली जलाने की आवश्यकता कम होगी और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे 21 अगस्त को होने वाले ऑनलाइन ड्रा एवं आगे की चयन प्रक्रिया से संबंधित विभागीय दिशा-निर्देशों पर ध्यान रखें तथा अपने आवेदन एवं दस्तावेजों से संबंधित जानकारी के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों से संपर्क करें।



