SIR और चुनावी प्रक्रिया के विरोध में सड़कों पर उतरा जन संघर्ष मंच, CEC का पुतला फूंका

गोहाना, 6 अक्टूबर (अनिल जिंदल)। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के विरोध में जन संघर्ष मंच हरियाणा के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को गोहाना में प्रदर्शन किया। मंच के कार्यकर्ताओं ने समता चौक से प्रदर्शन शुरू किया और शहीद भगत सिंह चौक, दीनबंधु छोटूराम चौक तथा महावीर चौक से होते हुए वापस समता चौक पहुंचकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करने की मांग उठाई।
प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए मंच के प्रांतीय सलाहकार डॉ. सी.डी. शर्मा ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर लोगों में गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि SIR के माध्यम से वास्तविक मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से हटाए जाने, नए मतदाताओं के नाम जुड़ने में परेशानी तथा चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने ईवीएम की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाते हुए चुनाव बैलेट पेपर से कराने की मांग की।
डॉ. शर्मा ने कहा कि चुनाव आयोग के भीतर उठाई गई आपत्तियों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सभी निर्णयों में पारदर्शिता होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से आम मतदाताओं का विश्वास प्रभावित हो रहा है। हालांकि, चुनाव आयोग स्वयं चुनावों को स्वतंत्र, निष्पक्ष और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत कराने वाली संस्था के रूप में कार्य करने की बात कहता है।
मंच ने केंद्र सरकार के समक्ष चार प्रमुख मांगें रखीं। इनमें मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग, ईवीएम के स्थान पर बैलेट पेपर से चुनाव करवाना, SIR के बाद हुए बिहार और पश्चिम बंगाल के चुनावों को रद्द कर दोबारा चुनाव करवाना तथा जन आंदोलनों पर पुलिस हस्तक्षेप बंद करना शामिल है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मतदाता सूची में किसी भी पात्र नागरिक का नाम छूटना लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने मांग की कि मतदाता सूचियों की प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाए और किसी भी शिकायत का निष्पक्ष तरीके से समाधान किया जाए।
प्रदर्शन में डॉ. सुनीता त्यागी, बीरमती, रघुबीर विरोधिया, सूरजभान चहल, जसमिंदर, सतपाल एलटी, जगमहेंद्र सिंह, प्रदीप त्यागी, सेवाराम, डॉ. राजीव, आजाद, पंकज कुमार, दलीप सिंह, कमलेश, अनीता और रजनीश सहित बड़ी संख्या में महिला और पुरुष कार्यकर्ता मौजूद रहे।




