फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर जिला स्तरीय बैठक आयोजित
पराली जलाने की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई के निर्देश, गांव स्तर पर निगरानी बढ़ाने पर जोर


सोनीपत, 16 सितंबर। उपायुक्त नेहा सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी उपमंडल अधिकारी (ना.), कृषि, राजस्व, पंचायत, प्रदूषण नियंत्रण, पुलिस विभाग तथा हरसेक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
बैठक में उपायुक्त ने बताया कि पिछले वर्ष हरसेक द्वारा जिला सोनीपत में पराली जलाने के 68 लोकेशन प्राप्त हुई थीं, जिनमें से 11 स्थानों पर आगजनी की घटना पाई गई थी। इन मामलों में संबंधित किसानों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के साथ जुर्माने की कार्रवाई की गई थी।
पराली जलाने पर एफआईआर के साथ लगेगा जुर्माना
उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि इस वर्ष यदि कोई किसान खेतों में फसल अवशेष जलाता हुआ पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार एफआईआर एवं जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि 2 एकड़ तक की भूमि पर 5 हजार रुपये, 2 से 5 एकड़ तक 10 हजार रुपये तथा 5 एकड़ से अधिक भूमि पर 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि गांव स्तर पर पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी निगरानी की जाए। हरसेक से आगजनी की लोकेशन प्राप्त होने पर संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौके पर जाकर जांच करें और अपनी रिपोर्ट कृषि विभाग को प्रस्तुत करें।
किसान इन-सिटू/एक्स-सिटू तकनीक से करें फसल अवशेष प्रबंधन
उपायुक्त ने किसानों से अपील की कि वे खेतों में आग लगाने के बजाय फसल अवशेष प्रबंधन तकनीकों को अपनाएं। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, सोनीपत द्वारा किसानों को 1200 रुपये प्रति एकड़ अनुदान प्रदान किया जाएगा। इसके लिए किसानों को ‘किसान मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर पंजीकरण करवाना होगा।
बैठक में डॉ. नवीन हुड्डा, सहायक कृषि अभियंता, ने बताया कि जिले में फसल अवशेष प्रबंधन के संबंध में कृषि विभाग द्वारा गांव स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इसके अलावा स्कूलों एवं कॉलेजों में विद्यार्थियों को भी फसल अवशेष जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश
बैठक में उपायुक्त ने जिले के सभी उपमंडल अधिकारी (ना.), उपमंडल कृषि अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, सहायक कृषि अभियंता सोनीपत व गोहाना, सहायक कृषि अधिकारी तथा कृषि विभाग के तकनीकी सहायक सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि फसल अवशेष प्रबंधन अभियान को प्रभावी बनाने के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए पराली जलाने की घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें।
बैठक के दौरान तहसीलदार सोनीपत, कीर्ति, तहसीलदार खरखोदा, विजेंद्र सिंह, नायब तहसीलदार खरखौदा, अचिन, संबंधित सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।




