प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ-2026 की फसलों का बीमा करवाने की अंतिम तिथि 14 अगस्त तक बढ़ी
समय रहते फसल बीमा कर प्राकृतिक आपदाओं से आर्थिक सुरक्षा करे सुनिश्चित - डीसी

सोनीपत, 05 अगस्त। खरीफ 2026 सीजन के लिए भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में खरीफ 2026 हेतु ऋणी किसानों के पंजीकरण की अंतिम तिथि को 31 जुलाई से बढ़ाकर 14 अगस्त कर दिया गया है। उपायुक्त नेहा सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों को प्राकृतिक आपदाओं, अत्यधिक वर्षा, सूखा, ओलावृष्टि तथा अन्य प्राकृतिक कारणों से होने वाले फसल नुकसान की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है।
उपायुक्त ने बताया कि वर्ष 2016 से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया जा रहा है। खरीफ सीजन में धान, कपास, बाजरा तथा मक्का फसलों का बीमा कराया जा सकता है। उन्होंने बताया कि खरीफ फसलों के लिए प्रति हेक्टेयर प्रीमियम निर्धारित किया गया है। इसके अनुसार धान के लिए 2231.22 रुपये, कपास के लिए 5706.80 रुपये, बाजरा के लिए 1075.58 रुपये तथा मक्का के लिए 1144.22 रुपये प्रति हेक्टेयर प्रीमियम निर्धारित है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सभी किसान भाइयों के लिए वैकल्पिक है। यदि कोई ऋणी किसान अपनी फसल का बीमा नहीं करवाना चाहता है तो वह कटऑफ तिथि 14 अगस्त से एक सप्ताह पहले तक अपनी संबंधित बैंक शाखा में जाकर ऑप्ट-आउट फॉर्म भरकर जमा कर सकता है। इस प्रक्रिया के दौरान किसान के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी का सत्यापन भी किया जाएगा। इसके अतिरिक्त यदि कोई ऋणी किसान अधिसूचित फसल के स्थान पर अन्य फसल की बुवाई करता है, तो वह कटऑफ तिथि 14 अगस्त से दो दिन पहले तक संबंधित बैंक शाखा में बुवाई प्रमाण-पत्र जमा करवाना सुनिश्चित करें, ताकि उसकी वास्तविक बोई गई फसल का ही बीमा किया जा सके और भविष्य में दावा निपटान में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने कहा कि फसल को किसी प्रकार का नुकसान होने की स्थिति में किसान 72 घंटे के भीतर ऑनलाइन क्रॉप इंश्योरेंस ऐप, कृषि रक्षक पोर्टल अथवा हेल्पलाइन 14447 पर सूचना अवश्य दें, ताकि नियमानुसार नुकसान का आकलन कर समय पर दावा प्रक्रिया पूरी की जा सके।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण योजना है। उन्होंने जिले के सभी किसानों से अपील की कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना अपनी फसलों का बीमा अवश्य करवाएं, ताकि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में उन्हें आर्थिक सहायता प्राप्त हो सके।




