
एनसीआर में वायु प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से बीएस-6, ईवी अथवा सीएनजी मानकों वाले नए ट्रकों एवं बसों की खरीद पर मिलेगी 100 प्रतिशत मोटर वाहन (एमवी) कर में छूट
सोनीपत, 30 जून। क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) एवं एसडीएम सुभाष चंद्र ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण को कम करने तथा पुराने प्रदूषणकारी ट्रकों एवं बसों के स्थान पर आधुनिक एवं पर्यावरण अनुकूल वाहनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार द्वारा विशेष प्रोत्साहन योजना लागू की जा रही है। योजना के तहत पुराने बीएस-1, बीएस-2, बीएस-3 एवं बीएस-4 श्रेणी के वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर बीएस-6 मानक अथवा इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए विभिन्न वित्तीय लाभ प्रदान किए जाएंगे।
आरटीए एवं एसडीएम ने मंगलवार को अपने कार्यालय में ट्रांसपोर्टरों, ट्रक एवं बस एसोसिएशनों, टूर एंड ट्रैवल ऑपरेटरों, शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों तथा स्टेज कैरिज परमिट धारकों के साथ बैठक करते हुए एनसीआर में बीएस-1 से बीएस-4 ट्रकों एवं बसों को चरणबद्ध तरीके से हटाने को लेकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि बीएस-6, ईवी अथवा सीएनजी मानकों वाले नए ट्रकों एवं बसों की खरीद पर 100 प्रतिशत मोटर वाहन (एमवी) कर में छूट देने का निर्णय लिया है। इसके अलावा पंजीकरण शुल्क में पूर्ण छूट, ब्याज पर 5 प्रतिशत तक की सब्सिडी का भी लाभ प्रदान किया जाएगा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार लाना, पुराने वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करना तथा वैज्ञानिक तरीके से पुराने वाहनों के स्क्रैपिंग (निस्तारण) को बढ़ावा देना है।
आरटीए ने बताया कि योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए एनसीआर जिलों में पंजीकृत बीएस-4 एवं उससे पुराने ट्रकों और बसों को पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा पर स्क्रैप कराना होगा। बीएस-4 वाहनों के मामले में अधिसूचना के अनुसार उन्हें एनसीआर से बाहर किसी गैर-एनसीएपी शहर अथवा क्षेत्र में भी बेचा जा सकता है। प्रतिस्थापन वाहन का पंजीकरण हरियाणा के एनसीआर जिलों में ही कराया जाना आवश्यक होगा। इसके अतिरिक्त, पात्र पुराने वाहनों पर एक वर्ष से अधिक समय से लंबित मोटर वाहन कर देयताओं को भी सरकार द्वारा माफ करने का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि अधिसूचित निर्देशों का उल्लंघन करने पर प्रतिबंधित बीएस-1, बीएस-2, बीएस-3 एवं बीएस-4 डीजल ट्रकों एवं बसों का संचालन किए जाने पर मोटर वाहन अधिनियम तथा अन्य लागू नियमों के अंतर्गत विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी हितधारकों से अपील की कि वे परिवहन विभाग के साथ पूर्ण सहयोग करते हुए वाहन स्वामियों एवं चालकों को पुराने वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने की नीति तथा हरियाणा सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे वित्तीय प्रोत्साहनों के संबंध में जागरूक करें, ताकि अधिक से अधिक पात्र वाहन स्वामी योजना का लाभ प्राप्त कर सकें तथा पर्यावरणीय मानकों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित हो सके।
इस मौके पर आरटीए विभाग से एमवीओ सचिन ढुल सहित विभिन्न ट्रक व बस यूनियनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।




