प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना का लाभ अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंचाने के लिए युवाओं को करें जागरूक-नगराधीश सिमरन
नगराधीश सिमरन की अध्यक्षता में आयोजित हुई जिला इंटर्नशिप निगरानी समिति की बैठक


-सभी शिक्षण संस्थानों में चलाएं जागरूकता अभियान, पात्र युवाओं का करवाएं ऑनलाइन पंजीकरण
सोनीपत,(अनिल जिंदल) 02 जुलाई। नगराधीश सिमरन ने कहा कि युवाओं को देश की अग्रणी कंपनियों में व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर उनके कौशल और रोजगार क्षमता को बढ़ाने के लिए केन्द्र सरकार ने प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना लागू की गई है। यह योजना युवाओं को उद्योगों में वास्तविक कार्य अनुभव प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसलिए सभी विभाग मिशन मोड में कार्य करते हुए योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करें।
प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (पीएमआईएस) के तृतीय पायलट चरण के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर नगराधीश सिमरन ने अपने कार्यालय में जिला इंटर्नशिप निगरानी समिति की बैठक ली। नगराधीश ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के प्रत्येक पात्र युवा तक प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना की जानकारी पहुंचाई जाए और अधिक से अधिक युवाओं का www.pminternship.mca.gov.in पोर्टल पर पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि जिले के सभी सरकारी एवं निजी महाविद्यालयों, आईटीआई, पॉलिटेक्निक संस्थानों, वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों तथा रोजगार कार्यालयों में विशेष जागरूकता शिविर लगाए जाएं। इन शिविरों में पात्र युवाओं को योजना की विस्तृत जानकारी देने के साथ-साथ उनका मौके पर ही ऑनलाइन पंजीकरण भी कराया जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायतों, कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी), ग्राम सचिवों, सरपंचों और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से भी योजना का व्यापक प्रचार किया जाए, ताकि गांवों के युवा भी इसका अधिक से अधिक लाभ उठा सकें।
नगराधीश ने बताया कि प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के तहत 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग के पात्र युवाओं को देश की अग्रणी कंपनियों में 6 से 9 माह की इंटर्नशिप करने का अवसर मिलेगा। इंटर्नशिप के दौरान युवाओं को प्रतिमाह 09 हजार रुपये का स्टाइपेंड दिया जाएगा, जिसमें 8100 रुपये केंद्र सरकार तथा 900 रुपये संबंधित कंपनी द्वारा प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा चयनित अभ्यर्थियों को एकमुश्त 6000 रुपये की सहायता राशि भी दी जाएगी।
नगराधीश सिमरन ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए पात्र युवाओं की पहचान करें और उन्हें आवेदन प्रक्रिया में हरसंभव सहयोग प्रदान करें। प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना युवाओं को उद्योगों से जोडऩे, उन्हें व्यवहारिक अनुभव उपलब्ध कराने और रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि सोनीपत का कोई भी पात्र युवा इस महत्वाकांक्षी योजना के लाभ से वंचित न रहे। इसलिए सभी संबंधित विभाग गंभीरता और समर्पण के साथ कार्य करते हुए इस योजना को जन-जन तक पहुंचाएं।
पीएम इंटर्नशिप योजना के तहत ये कर सकते हैं आवेदन
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत हाई स्कूल, सीनियर सेकेंडरी, आईटीआई, पॉलिटेक्निक डिप्लोमा तथा बीए, बीएससी, बीकॉम, बीसीए, बीबीए, बीफार्मा सहित स्नातक स्तर की शिक्षा प्राप्त युवा आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन एवं डिस्टेंस लर्निंग से अध्ययन कर रहे विद्यार्थी तथा नियमित स्नातक एवं स्नातकोत्तर के अंतिम वर्ष के विद्यार्थी भी आवेदन के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि आवेदन करने वाले अभ्यर्थी के परिवार के किसी भी सदस्य की वार्षिक आय 12 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए तथा परिवार का कोई सदस्य स्थायी या नियमित सरकारी कर्मचारी नहीं होना चाहिए।
ये नहीं कर सकते आवेदन
प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के तहत आईआईटी, आईआईएम, राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, आईआईआईटी, एनआईडी, आईआईएसईआर जैसे संस्थानों से स्नातक अभ्यर्थी, सीए, सीएमए, सीएस, एमबीबीएस, बीडीएस, एमबीए अथवा किसी भी विषय में मास्टर डिग्री या उससे अधिक योग्यता रखने वाले अभ्यर्थी इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं। इसके अतिरिक्त जो अभ्यर्थी वर्तमान में किसी अन्य केंद्र या राज्य सरकार की कौशल विकास, अप्रेंटिसशिप अथवा इंटर्नशिप योजना का लाभ ले रहे हैं अथवा पहले राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण योजना या राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रोत्साहन योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं, वे भी इस योजना के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे।
इस मौके पर जिला इंटर्नशिप निगरानी समिति के सह सचिव एवं आईटीआई सोनीपत के प्रिंसिपल विक्रम सिंह, मेजर संजय श्योराणा, राजकीय बहुतकनीकी संस्थान के प्रिंसिपल प्रवेश सांगवान, जिला रोजगार अधिकारी मनोज कुमार, एलडीएम सुनीता अरोड़ा, बिजली विभाग से एक्सईएन अश्वनी कौशिक सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।




