60वें जन्मदिवस पर वरिष्ठ पत्रकार एवं मीडिया काउंसिल ऑफ जर्नलिस्ट्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय राठी ने दोहराया समाजसेवा का संकल्प
"जीवन का सबसे बड़ा उद्देश्य समाज और राष्ट्र की सेवा है। यदि हमारे प्रयासों से किसी व्यक्ति का जीवन बेहतर बनता है, तो वही सबसे बड़ी उपलब्धि है" — संजय राठी

रोहतक, 4 अगस्त। वरिष्ठ पत्रकार एवं मीडिया काउंसिल ऑफ जर्नलिस्ट्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय राठी ने मंगलवार को अपना 60वां जन्मदिवस सादगी, सेवा और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ मनाया। इस अवसर पर उन्होंने वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा नागरिकों से प्रकृति, जल और ऊर्जा संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।
संजय राठी पिछले 20 वर्षों से प्रत्येक जन्मदिवस पर वृक्षारोपण करते आ रहे हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने स्वैच्छिक रक्तदान आंदोलन, जल एवं ऊर्जा बचाओ अभियान तथा प्राकृतिक खेती के प्रचार-प्रसार में भी सक्रिय भूमिका निभाई है। उनका मानना है कि पर्यावरण संरक्षण, जल बचत और प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग ही भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आधारशिला है।
चार दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय संजय राठी ने पत्रकारिता को सदैव जनहित और लोकतंत्र की मजबूती का माध्यम माना है। वर्तमान में मीडिया काउंसिल ऑफ जर्नलिस्ट्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में वे देशभर के पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान, अधिकारों और कल्याण से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठा रहे हैं। पत्रकार सुरक्षा कानून, पत्रकार कल्याण योजनाओं तथा स्वतंत्र एवं उत्तरदायी पत्रकारिता को सशक्त बनाने की दिशा में उनके प्रयास निरंतर जारी हैं।
अपने जन्मदिवस पर संजय राठी ने कहा, “60 वर्ष की यह यात्रा मेरे लिए आत्ममंथन और नए संकल्प का अवसर है। आने वाले वर्षों में भी मैं सत्यनिष्ठ पत्रकारिता, पत्रकार हितों की रक्षा, पर्यावरण संरक्षण, रक्तदान, जल एवं ऊर्जा बचत तथा प्राकृतिक खेती के प्रसार के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करता रहूँगा।”
उन्होंने अपने माता-पिता, परिवार, गुरुजनों, पत्रकार साथियों, मित्रों तथा देशभर के शुभचिंतकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके स्नेह, विश्वास और सहयोग ने ही उन्हें निरंतर जनसेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है।
उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि प्रत्येक नागरिक अपने जीवन में कम-से-कम एक पौधा अवश्य लगाए, नियमित रक्तदान के लिए लोगों को प्रेरित करे, जल एवं ऊर्जा की बचत को जीवनशैली का हिस्सा बनाए तथा प्राकृतिक खेती और पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाकर विकसित भारत के निर्माण में योगदान दे।




