विश्व ओआरएस दिवस पर बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
"हर दस्त में, हर बच्चे को, हर बार ओआरएस"—विश्व ओआरएस दिवस पर विशेषज्ञों ने किया जागरूक


गोहाना / सोनीपत,(अनिल जिंदल) 29 जुलाई। विश्व ओआरएस दिवस के अवसर पर मंगलवार को बीपीएस राजकीय महिला चिकित्सा महाविद्यालय, खानपुर कलां के शिशु रोग विभाग द्वारा जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों एवं वयस्कों में डायरिया के दौरान ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) के समय पर और सही उपयोग के प्रति लोगों को जागरूक करना था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिशु रोग विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज रावल ने कहा कि ओआरएस के व्यापक उपयोग ने बच्चों में दस्त (डायरिया) से होने वाली मृत्यु दर को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने बताया कि दस्त और उल्टी के कारण शरीर में पानी एवं आवश्यक लवणों की कमी हो जाती है, जिसे ओआरएस प्रभावी रूप से पूरा करता है। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील की कि बच्चों में दस्त की शुरुआत होते ही बिना देरी ओआरएस देना शुरू करें तथा आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकीय परामर्श अवश्य लें।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं बीपीएस राजकीय महिला चिकित्सा महाविद्यालय के निदेशक डॉ. जगदीश दुरेजा ने कहा कि डायरिया जैसी सामान्य दिखने वाली समस्या भी समय पर उपचार न मिलने पर गंभीर रूप ले सकती है। उन्होंने बच्चों के साथ-साथ वयस्कों में डायरिया के दौरान ओआरएस के उचित एवं समयबद्ध उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि समय पर ओआरएस का प्रयोग निर्जलीकरण से बचाने का सबसे सरल और प्रभावी उपाय है।
इस अवसर पर बीपीएस राजकीय महिला चिकित्सा महाविद्यालय की डीन डॉ. स्वर्ण कौर तथा चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजीव सिंगला ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए ओआरएस के महत्व पर प्रकाश डाला और लोगों से स्वच्छता अपनाने तथा डायरिया के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत ओआरएस का उपयोग करने का आह्वान किया। वहीं डॉ. संगीता दुरेजा ने उपस्थित लोगों को ओआरएस घोल तैयार करने की सही विधि एवं उसके सुरक्षित उपयोग की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान ओआरएस के महत्व पर आधारित पोस्टर प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम का प्रभावी मंच संचालन डॉ. प्रीति रायकवर ने किया तथा उन्होंने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर डॉ. सोनिका लांबा, डॉ. राधामोहन, डॉ. संजय, डॉ. महेश, डॉ. उषा कटारिया, डॉ. मंजीत सहित अनेक संकाय सदस्य, चिकित्सक एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में लोगों को संदेश दिया गया कि “दस्त में ओआरएस का समय पर उपयोग निर्जलीकरण से बचाव और जीवन की सुरक्षा का सबसे सरल एवं प्रभावी माध्यम है।” साथ ही “हर बच्चे के लिए, हर दस्त में, हर बार ओआरएस” का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया गया।




