जल अर्पण दिवस की तैयारियों को लेकर जल शक्ति मंत्रालय के सचिव अशोक के.के. मीणा ने वीसी के माध्यम से की उपायुक्तों के साथ बैठक
पेयजल योजनाओं के संचालन एवं संरक्षण में ग्राम पंचायतों की भागीदारी होगी सुनिश्चित- सीईओ डॉ. अनमोल


सोनीपत,(अनिल जिंदल) 09 सितंबर। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, जल शक्ति मंत्रालय के सचिव अशोक के.के. मीणा ने जल अर्पण दिवस को लेकर प्रदेश के सभी उपायुक्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की। बैठक में उन्होंने जल अर्पण दिवस और जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा करते हुए पेयजल योजनाओं को ग्राम पंचायतों एवं स्थानीय समुदाय को औपचारिक रूप से सौंपने की प्रक्रिया तथा आगामी गतिविधियों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान सोनीपत से जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. अनमोल ने वीसी की अध्यक्षता की। इस दौरान पब्लिक हेल्थ विभाग के एक्सईएन गौतम कुमार भी मौजूद रहे।
वीसी के पश्चात सीईओ जिला परिषद डॉ० अनमोल ने पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारियों से जिले में जल जीवन मिशन के तहत चल रहे कार्यों एवं जल अर्पण दिवस की तैयारियों की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जल अर्पण दिवस का मुख्य उद्देश्य जल जीवन मिशन के अंतर्गत तैयार की गई पेयजल आपूर्ति योजनाओं में ग्राम पंचायतों एवं समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए उनमें स्वामित्व की भावना विकसित करना है। योजना के हस्तांतरण के बाद गांव स्तर पर पेयजल आपूर्ति से संबंधित परिसंपत्तियों के संचालन, रखरखाव एवं संरक्षण की जिम्मेदारी स्थानीय स्तर पर सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में हर घर जल प्रमाणीकरण से पहले की तैयारियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इसके तहत पेयजल योजना का सफल परीक्षण, तकनीकी जांच एवं जल गुणवत्ता परीक्षण, योजना से संबंधित आवश्यक दस्तावेजों की उपलब्धता, ग्राम स्तर पर जल एवं स्वच्छता समितियों की सक्रियता तथा आवश्यक मानव संसाधन को प्रशिक्षित करने जैसे कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने बताया कि जल अर्पण की डिजिटल प्रक्रिया के तहत गांवों की तैयारियों एवं पेयजल योजनाओं की स्थिति को ऑनलाइन मॉड्यूल के माध्यम से दर्ज किया जाएगा। इसमें योजनाओं की स्थिति, समुदाय की प्रतिक्रिया, परीक्षण संचालन, योजना संबंधी दस्तावेज, गांव की हस्तांतरण के लिए तैयारी, जल अर्पण दिवस का आयोजन तथा ग्राम सभा द्वारा हर घर जल संबंधी प्रस्ताव जैसे विभिन्न चरण शामिल हैं।
सीईओ ने कहा कि जल अर्पण दिवस के अवसर पर जल आपूर्ति परिसंपत्तियों का निरीक्षण, जल वंदना एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम, जल श्रमदान तथा जनभागीदारी जैसी गतिविधियां आयोजित करवाना सुनिश्चित करें। ग्राम पंचायतों एवं समुदाय को पेयजल स्रोतों के संरक्षण, जल गुणवत्ता की नियमित जांच तथा जल के विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति जागरूक करें। जल अर्पण केवल पेयजल योजना का हस्तांतरण नहीं, बल्कि गांववासियों को अपनी जल परिसंपत्तियों के प्रति जिम्मेदारी और स्वामित्व की भावना से जोडऩे का महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य गांवों में दीर्घकालिक, नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ जल संरक्षण और जनभागीदारी को बढ़ावा देना है।




