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विश्वविद्यालयों के अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसरों को मिलेगी सेवा सुरक्षा, सरकार ला रही है नया अधिनियम 2026: महीपाल ढांडा

महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (MDU) के कुलपति की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय समिति की सिफारिशों के आधार पर नया हरियाणा राज्य विश्वविद्यालय अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसर/लेक्चरर्स (सेवा सुरक्षा) अधिनियम -2026

 

चंडीगढ़/पानीपत , 2 सितंबर। हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के मंगलवार के दिन के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं थानेसर विधायक अशोक अरोड़ा एवं फतेहबाद विधायक बलवान दौलतपुरिया के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा के जवाब में राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने घोषणा की कि हरियाणा सरकार अब कॉलेजों के एक्सटेंशन लेक्चरर्स की तर्ज पर प्रदेश के विश्वविद्यालयों में कार्यरत अनुबंधित सहायक प्राध्यापकों को भी सेवा सुरक्षा प्रदान करने के लिए नया ” हरियाणा राज्य विश्वविद्यालय अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसर/लेक्चरर्स (सेवा सुरक्षा) एक्ट , 2026′ लाने जा रही है।

मंत्री ने बताया कि हरियाणा यूनिवर्सिटीज कॉन्ट्रैक्चुअल टीचर्स एसोसिएशन और हरियाणा यूनिवर्सिटी पार्ट टाइम टीचर एसोसिएशन द्वारा उठाए गए मुद्दों पर राज्य सरकार के अनुमोदन से एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया था। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक के कुलपति की अध्यक्षता में बनी इस समिति ने गहन विचार-विमर्श के बाद अनुबंधित सहायक प्राध्यापकों को सेवा सुरक्षा देने की सिफारिश की है।

शिक्षा मंत्री ने सदन को जानकारी देते हुए बताया कि राज्य के कॉलेजों में ‘सेवा सुरक्षा अधिनियम 2024’ को पहले ही सफलतापूर्वक लागू किया जा चुका है, जिसके तहत 2,095 कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा का लाभ मिल चुका है। अब इसी तर्ज पर विश्वविद्यालयों के अनुबंधित सहायक प्राध्यापकों के लिए 2026 का नया अधिनियम लाया जा रहा है।

शिक्षा मंत्री ने बताया कि कुलपति की अध्यक्षता वाली कमेटी ने सेवा सुरक्षा प्रदान करने के लिए निम्नलिखित 6 प्रमुख मापदंड तय किए हैं।

1. निर्धारित योग्यता: अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसर/शिक्षक ने 30 जून 2023 तक असिस्टेंट प्रोफेसर के पद के लिए निर्धारित सभी आवश्यक पात्रता शर्तें पूरी कर ली हों।

2. न्यूनतम सेवा अवधि: अनुबंधित शिक्षक ने 15 अगस्त 2024 तक कम से कम पांच वर्ष की निरंतर सेवा पूरी कर ली हो तथा वर्तमान में भी सेवा में कार्यरत हो।

3. आयु सीमा: अनुबंधित शिक्षक की आयु 15 अगस्त 2024 को 60 वर्ष से कम होनी चाहिए।

4. पूर्व शिक्षण कार्य: अनुबंधित शिक्षक ने वर्ष 2019-20 से 2023-24 की अवधि के दौरान प्रति माह न्यूनतम 16 घंटे या उससे अधिक शिक्षण कार्य किया हो।

5. वर्तमान शिक्षण कार्य: अनुबंधित शिक्षक वर्तमान में भी प्रति सप्ताह कम से कम 16 घंटे का अध्यापन कार्य कर रहा हो।

6. पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया: अनुबंधित शिक्षक की नियुक्ति उचित समाचार पत्र में विज्ञापन के माध्यम से तथा विधिवत गठित चयन समिति (Selection Committee) द्वारा की गई हो।

उच्चतर शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने सदन को भरोसा दिलाया कि प्रस्तावित अधिनियम से संबंधित मानव संसाधन विभाग (HRD) द्वारा लगाई गई आपत्तियों का उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा शीघ्र समाधान किया जाएगा तथा इसके बाद आगामी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालयों में अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसरों के लिए प्रयुक्त अलग-अलग पदनाम, जैसे रिसोर्स पर्सन, टीचिंग असिस्टेंट आदि, को भी प्रस्तावित अधिनियम के दायरे में शामिल किया जाएगा।

इस घोषणा के बाद हरियाणा यूनिवर्सिटीज कॉन्ट्रैक्चुअल टीचर्स एसोसिएशन (हुकटा) के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. विजय मलिक के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने उच्चतर शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा का आभार व्यक्त किया और कहा कि अब हमें पूरा विश्वास है कि हरियाणा सरकार आगामी कैबिनेट एवं विधानसभा में लंबित प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करते हुए कॉलेजों की तर्ज पर विश्वविद्यालयों के अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसरों के लिए भी सेवा सुरक्षा का अधिनियम पारित करेगी।

डॉ. विजय मलिक ने कहा कि हुकटा पिछले कई वर्षों से प्रदेश के विश्वविद्यालयों में कार्यरत लगभग 1,400 अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसरों/लेक्चरर्स की सेवा सुरक्षा के लिए लगातार संघर्ष कर रही है। संगठन ने सरकार के समक्ष यह मांग मजबूती से रखी थी कि जिस प्रकार प्रदेश के कॉलेजों में सेवा सुरक्षा अधिनियम लागू कर कर्मचारियों को रोजगार सुरक्षा प्रदान की गई है, उसी प्रकार विश्वविद्यालयों के अनुबंधित शिक्षकों को भी समान रूप से सेवा सुरक्षा का कानूनी अधिकार दिया जाए।

उन्होंने कहा कि विधानसभा के पटल पर शिक्षा मंत्री द्वारा नए अधिनियम की घोषणा किया जाना प्रदेश के हजारों अनुबंधित शिक्षकों के लिए बड़ी राहत और उम्मीद की किरण है।

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